Photo Gallery

Sports Image 3

view photo gallery

Common Man’s Interface For  Welfare Schemes(External Website that opens in a new window) Uttarakhand Goverment Portal, India (External Website that opens in a new window) http://india.gov.in, the National Portal of India (External Website that opens in a new window)

Hit Counter 0000145203 Since: 01-02-2011

About us

Print

प्रस्तावना:-

09 नवम्बर, 2000 को अलग राज्य उत्तरांचल घोषित किये जाने के पश्चात् उत्तराखण्ड राज्य द्वारा क्षेत्रीय एवं जिला स्तर में खेलों के उन्नयन तथा खिलाडि़यों के प्रोत्साहन हेतु खेल विभाग की स्थापना दिनांक 13 अगस्त 2001 को खेल निदेशालय, उत्तराॅचल के नाम से महाराणा प्रताप स्पोटर््स कालेज, रायपुर, देहरादून में की गयी।

उत्तराखण्ड राज्य प्राकृतिक संशाधनांे, अनुकूल जलवायु तथा भौगोलिक दृष्टि से खेलों के विकास के लिए अत्यन्त ही उपयोगी है। मानव संशाधन विकास के लिए “खेल एवं शारीरिक शिक्षा” महत्वपूर्ण अंग हैं। स्वस्थ नागरिक, समाज एवं राष्ट्र को सुसंगति एवं स्वस्थ आधार प्रदान करता है। अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के खिलाडि़यों का उत्कृष्ठ प्रदर्शन, राष्ट्रीय सम्मान एवं राष्ट्र भक्ति का घोतक है। खेल, राष्ट्रीयता की भावना तथा देश की अखण्डता एवं एकता को सुदृढ़ करने मंे महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करता है।

खेल निदेशालय, उत्तराखण्ड द्वारा प्रत्येक जनपद में स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय क्रीड़ा हाल का निर्माण कराये जाने की योजना है, साथ ही उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं का उच्चीकरण एवं विस्तारीकरण का कार्य भी कराया जायेगा। उत्तराखण्ड राज्य के 13 जनपदों में से 11 जनपदो में 13 स्टेडियम निर्मित हंै। जनपद टिहरी गढ़वाल एवं जनपद बागेश्वर में स्टेडियम हेतु पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण दोनो जनपदो में स्टेडियम का निर्माण लम्बित है। प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के 02 स्टेडियम (हल्द्वानी एवं देहरादून) में बनाये जाने का प्रावधान है जिसके अन्तर्गत हल्द्वानी में स्टेडियम हेतु भूमि चयन कर भूमि पूजन करा दिया गया है एवं देहरादून में भूमि चयन का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 09 इंडोरहाल निर्मित है तथा जनपद अगस्त्यमुनि (रूद्रप्रयाग) एवं डुण्डा (उत्तरकाशी) में 02 इंडोरहाल निर्माणाधीन है।

राज्य में 02 तरणताल - काशीपुर (उधमसिंह नगर) एवं हल्द्वानी (नैनीताल) में निर्मित है।

उदे्दश्य-

राज्य के जनमानस हेतु खेल एवं शारीरिक क्षमता, विकास के अवसर प्रदान करने हेतु मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना।

अवस्थापना सुविधाआंे का सृजन, विकास एवं सुदृढ़ीकरण।

खेल के माध्यम से युवा शक्ति को राष्ट्र के उत्थान, सामाजिक मूल्यों के प्रति निष्ठावान, अनुशासन तथा प्रगति की ओर अग्रसर होने की प्रबल इच्छा शक्ति का निर्माण करना।

राज्य के उद्ीयमान खिलाडि़यों को राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता मंे उल्लेखनीय सफलता अर्जित करने हेतु तैयार करना।

उपयोगिता-

इस पुस्तिका में खेल विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख है जैसेः-

खिलाडि़यों हेतु प्रशिक्षण शिविर

प्रतियोगिता का आयोजन

राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विजेता खिलाडि़यों को पुरस्कार

विभिन्न खेल संघों को प्रतियोगिता आयोजन एवं उपकरण क्रय हेतु अनुदान राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पूर्व राज्य की भाग लेने वाली टीमों को विशेष प्रशिक्षण शिविर एवं किट व्यवस्था आदि।

यह हस्त-पुस्तिका विशेष रूप से राज्य के विभिन्न खेलकूद संघों, क्लबों, खेल आयोजकों तथा खिलाडि़यों के लिए विशेष उपयोगी है। इस पुस्तिका में खेलों से सम्बन्धित शब्दावली जैसे- खेल प्रतियोगिताएं, खेल प्रशिक्षण शिविर, खेलों हेतु स्टेडियम निर्माण आदि सामान्य शब्दों का ही प्रयोग किया गया। इससे सम्बन्धित विस्तृत जानकारी खेल निदेशालय, उत्तराखण्ड, देहरादून से प्राप्त की जा सकती है।